मैं प्रति दिन 4- 00 सुबह जग कर नित्य क्रिया - कर्म के बाद " योग - प्राणायाम " करके " प्रभात - भ्रमण " करता हूँ । । तब तक दिन प्रारम्भ हो जाता है । । स्ट्रीट लाइट जलता रहता है । । रोड पर चलते हुए मैं 90- 95 % स्ट्रीट लाइट बुता देता हूँ । । जिस लाइट की रात में सबसे अघिक जरूरत होती वही सुबह में बेकार लगने लगता है । । मैं लटका स्विच से लाइट ऑफ कर देता हूँ । । राह चलते हुए देखता हूँ कि हर जगह लोग आतें जाते रहते हैं पर 80- 90% लोग इस पर ध्यान तक नहीं देते । । ।
क्या यह समझ्ना उचित होगा कि यह सब राष्ट्र - भाव के अभाव के कारण होता है ।
क्या यह समझ्ना उचित होगा कि यह सब राष्ट्र - भाव के अभाव के कारण होता है ।
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